
SIM Box के जरिए चल रहा था अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड, उत्तराखंड में पहली बड़ी रिकवरी
बाजपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, बांग्लादेश से जुड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा
विदेशी कॉल को भारतीय नंबर बनाने वाला गिरोह पकड़ा गया, STF ने किया खुलासा
STF साइबर कुमाऊँ की बड़ी कार्रवाई, बाजपुर से दो सिम बॉक्स और 114 सिम कार्ड बरामद
बांग्लादेश से जुड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा, सात महीने से चल रहा था अवैध ऑपरेशन
देहरादून। मुख्यमंत्री के साइबर अपराध मुक्त उत्तराखंड के संकल्प और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में एसटीएफ की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में एसटीएफ की साइबर कुमाऊँ टीम ने ऊधमसिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में अवैध सिम बॉक्स टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश किया है। यह उत्तराखंड का पहला सिम बॉक्स रिकवरी मामला बताया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर हॉटस्पॉट अभियान के तहत साइबर कुमाऊँ और एसटीएफ टीम ने इनपुट के आधार पर बाजपुर के मुडिया, ईदगाह के पास एक मकान पर दबिश दी। मौके से दो सिम बॉक्स, 114 एयरटेल सिम कार्ड, 77 एंटीना, इंटरनेट राउटर, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। अभियुक्त कादिर पुत्र जाबिर अली (आयु करीब 24 वर्ष), निवासी मिलक जुम्मावाली, ग्राम बेरखेड़ा चक, थाना भगतपुर, जनपद मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी सिम बॉक्स के जरिए विदेशी और वीओआईपी कॉल को भारतीय लोकल नंबर के रूप में दिखा रहा था। इससे पीड़ित के फोन पर विदेशी नंबर की जगह भारतीय नंबर दिखाई देता था और कॉल करने वाले की असली पहचान व लोकेशन छिप जाती थी। यही तरीका डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर ठगी में इस्तेमाल होता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह नेटवर्क करीब सात महीने से चल रहा था और बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ था। सिम बॉक्स कूरियर के माध्यम से भेजे गए थे।
अभियुक्त का पहले भी ऐसा रिकॉर्ड है। वर्ष 2023 में थाना कटघर, मुरादाबाद से इसी तरह के अवैध टेलीकॉम गेटवे मामले में वह गिरफ्तार हो चुका था। उस समय उस पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के साथ भारतीय तार अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट की धाराएं भी लगी थीं। वर्तमान में वह जमानत पर था।
एसटीएफ ने मामले को गंभीरता से लिया है। अतिरिक्त एसपी साइबर के नेतृत्व में जांच चल रही है। आई4सी और अन्य एजेंसियों से जानकारी साझा की जा रही है। 114 सिम कार्ड कहां-कहां से जारी हुए और किन फ्रॉड में इस्तेमाल हुए, इसकी भी पड़ताल हो रही है। फर्जी दस्तावेजों पर सिम देने वाले एजेंटों और अन्य सहयोगियों की भूमिका भी जांच का विषय है।
बरामदगी में दो सिम बॉक्स (32 स्लॉट), 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम, एक एयरटेल राउटर, सैमसंग मोबाइल, केबल, एडाप्टर और अन्य उपकरण शामिल हैं।
एसपी अजय सिंह ने कहा कि सिम बॉक्स जैसी तकनीक से पहचान छिपाने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ आधुनिक फॉरेंसिक और तकनीकी संसाधनों से कार्रवाई की जा रही है।
