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सैन्यधाम में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कांग्रेस का राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग, जल्द होगा धरना

शहीदों के सम्मान पर राजनीति नहीं: सैन्यधाम मुद्दे पर कांग्रेस का राज्यपाल को ज्ञापन

समय न मिलने पर लोकभवन अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, जल्द सैन्यधाम पर धरना देगा पूर्व सैनिक विभाग

देहरादून:  उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने सैन्यधाम में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं तथा सैन्यधाम के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी के “चुनावी लाभ” संबंधी बयान पर चर्चा के लिए माननीय राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा था। राज्यपाल से मुलाकात का समय उपलब्ध नहीं होने पर प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन पहुंचकर अधिकारियों को अपना ज्ञापन सौंपा, ताकि इसे माननीय राज्यपाल महोदय तक पहुंचाया जा सके।

ज्ञापन में सैन्यधाम परियोजना की बढ़ती लागत, निर्माण में हो रहे विलंब, संशोधित डीपीआर, टेंडर, अतिरिक्त कार्यों, भुगतान तथा वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई।
साथ ही मंत्री गणेश जोशी द्वारा सैन्यधाम को लेकर दिए गए “चुनावी लाभ” वाले बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा गया कि शहीदों के सम्मान से जुड़े पवित्र स्थल को किसी भी प्रकार की राजनीतिक या चुनावी लाभ-हानि की राजनीति से जोड़ना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है।

पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि सैन्यधाम शहीद सैनिकों की शहादत और उनके परिवारों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसके निर्माण में भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि “भ्रष्टाचार नहीं सहा जाएगा और शहीदों का अपमान भी नहीं सहा जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जब सैन्यधाम के निर्माण को लेकर इतने गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं, तो प्रधानमंत्री को इसके उद्घाटन समारोह में शामिल होने से पहले इन सवालों का जवाब राज्य सरकार को देना चाहिए। दो बार प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में न आ पाने के बाद अब तीसरी बार भी उन्हें इस विवादित स्थिति में सैन्यधाम के उद्घाटन के लिए नहीं आना चाहिए, अन्यथा यह शहीदों की भावनाओं के साथ न्याय नहीं होगा।

कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा कि शहीदों के नाम पर बनने वाले स्मारक को भ्रष्टाचार और चुनावी राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि सैन्यधाम की गरिमा और शहीदों के सम्मान की रक्षा करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर संवैधानिक संस्थाओं तक उठाएगी और जब तक इन गंभीर सवालों पर जवाबदेही तय नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा।

ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल शौर्यस्थल पहुंचा और शहीदों की स्मृति में कुछ देर ध्यान लगाया। इस अवसर पर सभी ने शहीदों को नमन करते हुए संकल्प लिया कि सैन्यधाम को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने, उसकी गरिमा बनाए रखने और शहीदों के सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा। शहीदों के नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीति या उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पूर्व सैनिक विभाग, उत्तराखंड कांग्रेस ने घोषणा की कि जल्द ही सैन्यधाम पर धरना दिया जाएगा। यह धरना सैन्यधाम में कथित भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा मंत्री गणेश जोशी के शहीदों से जुड़े उक्त बयान के विरोध में होगा। धरने की तिथि एवं विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र घोषित किया जाएगा।

इस अवसर पर कर्नल राम रतन नेगी, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल, हवलदार बलबीर सिंह, कैप्टन शोभन सिंह सजवाण, MWO विजय गोस्वामी और प्रदेश प्रवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री सहित पूर्व सैनिक विभाग एवं कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

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