
16 करोड़ के पुल की एप्रोच रोड 28 जुलाई को धंसी थी: लोनिवि सचिव पंकज पांडे ने जारी किया निलंबन आदेश
देहरादून: देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टॉस नदी पर नव निर्मित पुल के एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के मामले में उत्तराखंड शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के साथ सहायक अभियंता अमित त्यागी और जेई नवीन गैरोला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

लोक निर्माण अनुभाग-1 द्वारा जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि डिज़ाइन कंसल्टेंट द्वारा नदी डायवर्जन कार्य का डिज़ाइन उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही नदी तल की ढाल और नदी की घुमावदार प्रकृति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक नदी प्रशिक्षण उपाय भी नहीं सुझाए गए। इसके कारण नदी का प्रवाह एक ही स्पान की ओर केंद्रित हो गया और अपस्ट्रीम क्षेत्र में भारी कटाव होने से एप्रोच रोड में कैविटी बन गई, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।
लोक निर्माण अनुभाग-1 द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि डिज़ाइन कंसल्टेंट द्वारा रिवर डायवर्जन कार्य का डिज़ाइन उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही नदी तल की ढाल (Cross Slope) और नदी की घुमावदार प्रकृति (Meandering Nature) को ध्यान में रखते हुए आवश्यक रिवर ट्रेनिंग उपाय भी नहीं सुझाए गए। इसके चलते नदी का प्रवाह एक ही स्पान की ओर केंद्रित हो गया, जिससे पुल के अपस्ट्रीम हिस्से में भारी कटाव (Heavy Scouring) हुआ और एप्रोच रोड में कैविटी बनने से वह क्षतिग्रस्त हो गया।
जांच में कहा गया है कि उक्त परियोजना में तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंधीय शर्तों के अनुपालन तथा वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी कमियों से अवगत कराने की जिम्मेदारी सहायक अभियंता अमित त्यागी की थी। लेकिन उन्होंने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया, जिसे प्रथम दृष्टया शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता माना गया है।
