
व्यापारी कल्याण, व्यापार सुगमता एवं केन्द्र–राज्य समन्वय को सुदृढ़ करने पर विशेष बल
जीएसटी सुधार, एमएसएमई, ONDC आधारित DigiDukaan, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स एवं स्टार्टअप जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा।
• राज्य एवं जिला व्यापारी कल्याण बोर्ड तथा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने का सुझाव।
• व्यापारियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान हेतु संस्थागत संवाद को और मजबूत बनाने पर जोर।
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड, भारत सरकार द्वारा आज देहरादून स्थित बीजापुर गेस्ट हाउस में बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता में ‘व्यापारी–उद्यमी–प्रशासन संवाद’ का आयोजन किया गया।

संवाद में उत्तराखण्ड सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण, राज्य कर (GST), उद्योग, श्रम, नगर एवं ग्राम नियोजन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रदेशभर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, एमएसएमई प्रतिनिधियों एवं व्यापारी बंधुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों, उद्यमियों एवं विभिन्न विभागों के मध्य प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर व्यापार एवं उद्योग से जुड़े विषयों पर समन्वित समाधान सुनिश्चित करना था।
अपने संबोधन में श्री सुनील जे. सिंघी ने कहा कि राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड देशभर के व्यापारियों को एक सशक्त एवं संस्थागत मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके माध्यम से उनकी समस्याओं, सुझावों एवं नीतिगत अपेक्षाओं को प्रभावी रूप से केन्द्र एवं राज्य सरकारों तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं तथा विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि “इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा।” उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश की विकास यात्रा का एक प्रमुख ग्रोथ सेंटर बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने आधारभूत संरचना, संपर्क, पर्यटन, औद्योगिक विकास एवं व्यापार सुगमता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे व्यापारियों, उद्यमियों एवं एमएसएमई के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में छह करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था तथा व्यापारिक संभावनाओं के निरंतर विस्तार का परिचायक है।
श्री सिंघी ने उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड द्वारा पूर्व में आयोजित स्वर्णकार सम्मेलन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जागरूकता कार्यक्रम तथा ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए राज्य के व्यापारिक समुदाय के साथ निरंतर संवाद एवं सहभागिता की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में जीएसटी सुधार, व्यापार सुगमता, जन विश्वास पहल के अंतर्गत अनुपालन बोझ में कमी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से संस्थागत ऋण, एमएसएमई प्रोत्साहन, ONDC आधारित DigiDukaan, श्रम कानूनों का सरलीकरण, खाद्य सुरक्षा अनुपालन, पर्यटन आधारित व्यापारिक अवसर, शहरी अवसंरचना, यातायात प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग एवं CIBIL से संबंधित विषय, स्टार्टअप प्रोत्साहन तथा लघु उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास-आधारित शासन, नियामकीय सरलीकरण, डिजिटल सशक्तिकरण तथा व्यापार सुगमता की दिशा में किए गए सुधारों ने व्यापारिक वातावरण को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी एवं अनुकूल बनाया है। उन्होंने DigiDukaan को ONDC आधारित एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना बताते हुए कहा कि यह किराना व्यापारियों, लघु खुदरा विक्रेताओं, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों तथा स्थानीय उद्यमों को व्यापक डिजिटल बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
श्री सिंघी ने सुझाव दिया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं तथा हाल के सुधारों की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रत्येक जनपद में विभिन्न विभागों के समन्वय से नियमित जागरूकता एवं सुविधा शिविर आयोजित किए जाएँ। उन्होंने जिला एवं क्षेत्रीय स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा निर्धारित वार्षिक कैलेंडर के अनुसार कार्यशालाओं के आयोजन पर भी बल दिया।
उन्होंने राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड, जिला व्यापारी कल्याण बोर्ड एवं ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर की स्थापना का सुझाव देते हुए कहा कि इससे केन्द्र एवं राज्य सरकारों, विभागों तथा व्यापारिक संगठनों के मध्य संस्थागत समन्वय और अधिक सुदृढ़ होगा तथा व्यापारियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध रूप से प्राप्त हो सकेगा।
संवाद के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जीएसटी जागरूकता, एमएसएमई योजनाओं, श्रम सुधारों, स्टार्टअप नीति, खाद्य सुरक्षा, संस्थागत ऋण तथा अन्य विभागीय पहलों की जानकारी दी। व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कराधान, बैंकिंग, विपणन, शहरी अवसंरचना, यातायात, लॉजिस्टिक्स, लाइसेंसिंग एवं नियामकीय प्रक्रियाओं से संबंधित अनेक सुझाव एवं समस्याएँ प्रस्तुत कीं, जिन पर विस्तृत चर्चा की गई।
अंत में श्री सिंघी ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक में प्राप्त सुझावों एवं सहमति बिंदुओं पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने व्यापारियों से राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड द्वारा प्रत्येक सोमवार अपराह्न 3:00 से 4:00 बजे आयोजित साप्ताहिक वर्चुअल संवाद में सक्रिय सहभागिता का भी आग्रह किया, जिससे विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे संवाद के माध्यम से व्यापार एवं उद्योग से जुड़े विषयों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम का समापन व्यापारी कल्याण, व्यापार सुगमता, डिजिटल सशक्तिकरण तथा केन्द्र–राज्य समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
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