
कोटद्वार : मणिपुर के उखरूल में आतंकियों के हमले में शहीद हुए वीर जवान चंद्रमोहन सिंह के पैतृक गांव नैनीडांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भोपाटी खौल के राजस्व ग्राम डांडातोली में गम का माहौल है। गांव के लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
ग्रामीणें ने बताया कि करीब एक माह पहले ही चंद्रमोहन सिंह के पिता गोविंद सिंह का निधन हुआ था। उस समय वह परिवार के साथ गांव आए थे और अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद वापस गाजियाबाद लौट गए थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि गांव की यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा साबित होगी। परिजनों के अनुसार, चंद्रमोहन सिंह के बड़े भाई सुरेंद्र सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। उनका परिवार गाजियाबाद में रहता है। चंद्रमोहन सिंह और उनके दूसरे भाई पंचम सिंह का परिवार भी गाजियाबाद में ही निवास करता है, जबकि सबसे छोटे भाई आनंद सिंह अपने परिवार के साथ पैतृक गांव डांडातोली में रहते हैं। शहादत की खबर मिलते ही परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद के भाई पंचम सिंह ने बताया कि चंद्रमोहन सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार देर शाम तक गाजियाबाद स्थित उनके आवास पहुंचने की संभावना है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, ग्राम प्रधान विमला देवी, पूर्व प्रधान जशोदा रावत, डबल सिंह रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शहीद चंद्रमोहन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए वीर जवान के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।
