Homeराज्य समाचारशिक्षकों के स्थानांतरण को मिलेगा अतिरिक्त समयः डाॅ. धन सिंह रावत

शिक्षकों के स्थानांतरण को मिलेगा अतिरिक्त समयः डाॅ. धन सिंह रावत

 

स्थानांतरण एक्ट से छूट के लिये भी कार्मिक विभाग को भेजा जायेगा प्रस्ताव

कहा, पदोन्नति प्रकरणों के समाधान को अध्यादेश होगा अंतिम विकल्प

देहरादून, 2 जुलाई 2026
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण के लिये अतिरिक्त समय मांगने के साथ ही स्थानांतरण एक्ट से छूट देने का प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजा जायेगा, ताकि प्रदेश के जिन विद्यालयों में पर्याप्त छात्र संख्या के बावजूद शिक्षकों के पद रिक्त हैं उनको भरा जा सके। इसके अलावा शिक्षकों के पदोन्नति प्रकरण के स्थाई समाधान को अंतिम विकल्प के रूप में अध्यादेश लाने पर भी विचार गया जा सकता है। इस संबंध में शासन स्तर पर न्याय, कार्मिक एवं वित्त विभाग के साथ सहमति बना ली गई है।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक ली, जिसमें मुख्य सचिव सहित, न्याय, कार्मिक व वित्त विभाग के उच्चाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति के लम्बित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण को विचार-विमर्श किया गया। डा. रावत ने बताया कि शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण एवं वरिष्ठता का प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं लिया जा सका है। उक्त के दृष्टिगत उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण को लेकर स्थानांतरण एक्ट में छूट के साथ ही समयवृद्धि की मांग का प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजे जाने का निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त शिक्षकों के पदों को धारा-27 एवं अनुरोध श्रेणियों के आधार पर भरा जा सके। इसके लिये महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को शीघ्र दोनों प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। डाॅ. रावत ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत शिक्षकों के वरिष्ठता प्रकरण भी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके चलते विभाग पदोन्नति देने में असमर्थ है, जबकि शिक्षक संगठन लगातार पदोन्नति की मांग को लेकर मुखर है। जिसको देखते हुये शासन ने कोर्ट के निर्णय में समय लगने की सम्भावना के मध्यनजर अंतिम विकल्प के रूप में पदोन्नति हेतु अध्यादेश लाने का विकल्प खुला रखा है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को अध्यादेश का प्रस्ताव भी तैयार रखने को कहा गया है, ताकि उच्च न्यायालय में दायर वादों का समय पर निराकरण न होने के दृष्टिगत अध्यादेश लाकर वरष्ठिता का निर्धारण करते हुये शिक्षकों पदोन्नति दी जा सके।

बैठक में शिक्षकों के त्रिस्तरीय ढांचे सहित एससीईआरटी व डायट के नये ढांचे के गठन एवं नियमावली बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये। इसके अतिरिक्त विभागीय मंत्री ने कहा कि सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों के शत-प्रतिशत प्रस्ताव तीन दिन के भीतर मंगा लिये जाय, ताकि धनराशि आवंटित की जा सके। उन्होंने प्रदेशभर के सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने के साथ-साथ पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये। इसके अतिरिक्त अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण तथा शिक्षकों की तदर्थ सेवाओं को नियमानुसार जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय अमित कुमार, सचिव कार्मिक शैलेष बगोली, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा नमामि बंसल, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद, संयुक्त निदेशक संस्कृत शिक्षा मंजू भारती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय विद्यालयी शिक्षा।

Static 1 Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News