
मुख्यमंत्री से सवाल: कुर्सी छोड़ो या जवाब दो:
*अगली कड़ी: “नेक्स्ट जनरेशन लीडरशिप यात्रा” 14 जून को
सचिन थपलियाल
पूर्व महासचिव, छात्र संघ, डी.ए.वी. महाविद्यालय
सदस्य, स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति, उत्तराखंड
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति के तत्वावधान में आज, 07 जून 2026 को “गैरसैंण ध्वज पदयात्रा” आयोजित की गई। पदयात्रा फर्जी विधानसभा से प्रारंभ होकर डिफेंस कॉलोनी, नवादा चौक होते हुए पुनः विधानसभा पर समाप्त हुई। इसमें बड़ी संख्या में आंदोलनकारी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और समिति के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को पुनः बुलंद किया।
समिति ने कहा कि उत्तराखंड देश का एकमात्र राज्य है जिसे अब तक स्थायी राजधानी नहीं मिल सकी। देहरादून स्थित वर्तमान विधानसभा भी अस्थायी है – इसे वर्ष 2000 में तात्कालिक रूप से स्थापित किया गया था, जो उत्तर प्रदेश काल में विकास भवन के रूप में कार्यरत था।
इस दौरान समिति ने क्षेत्रीय दलों और नई पीढ़ी के नेताओं से सीधे सवाल किया:
क्या आप इस फर्जी, कलंकित विधानसभा में बैठने की तैयारी कर रहे हैं? क्या देहरादून की इस अस्थायी व्यवस्था को आप राजधानी के रूप में स्वीकार करते हैं?
“जनगीत” और नारों के बीच प्रतिभागियों ने गैरसैंण ध्वज लहराकर राज्य आंदोलन के मूल उद्देश्यों और जनभावनाओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी उत्तराखंड के आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों के अनुरूप व्यवस्था स्थापित नहीं हो सकी। गैरसैंण केवल एक स्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान का प्रतीक है।
वक्ताओं ने कहा कि धामी सरकार को लेकर जनता में गहरा असंतोष है। यदि सरकार गैरसैंण पर समयबद्ध रोडमैप और स्पष्ट नीति प्रस्तुत नहीं करती, तो संपूर्ण उत्तराखंड मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करेगा। इसकी औपचारिक घोषणा समिति करेगी।
समिति ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन, गहरा असंतुलन और पहाड़ की जनता की उपेक्षा गंभीर चिंता का विषय है। विमर्श में प्रतिभागियों ने राज्य की प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक उपलब्धियों पर भी सवाल उठाए। मुख्य प्रश्न यह रहा कि क्या राज्य आंदोलन के मूल उद्देश्य पूरे हुए हैं और क्या वर्तमान व्यवस्था उत्तराखंड की जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतर रही है।
*आगामी कार्यक्रमों की घोषणा:*
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने बताया कि 14 जून को “नेक्स्ट जनरेशन लीडरशिप यात्रा” निकाली जाएगी। इसके बाद “एक राज्य – एक राजधानी यात्रा”, “न्याय यात्रा”, “जनजागृति क्रांति यात्रा” और “संस्कृति संकल्प यात्रा” सहित विभिन्न जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समिति ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे उत्तराखंड के अस्तित्व और स्थायी राजधानी गैरसैंण के संकल्प को मजबूत करने के लिए इस जनआंदोलन से जुड़ें।
*— इस अवसर पर संयोजक विनोद प्रसाद रतूड़ी, सचिन थपलियाल, पार्थ रतूड़ी, आनंद राम, सुधीर गैरोला, विनोद चौहान, सुरेश रमोला, मनमोहन शर्मा, अनिल बहुगुणा, प्रकाश थपलियाल, एस एस जनपांगी, जगदीश ममगाई, सुभाष, विक्रम, अजय नेगी आदि कई युवा आंदोलनकारी मौजूद थे*
