
29 मई से देश के सिनेमा घरों में ‘नव्य गुंजरा’
संवाद: पन्तनगर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी करने वालीं और वर्तमान में एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत डॉ. प्रज्ञा शर्मा, अब सिनेमाई दुनिया में एक नई पहचान बनाने को तैयार हैं। डॉ. शर्मा 29 मई को रिलीज होने जा रही बहुप्रतीक्षित साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ‘नव्य गुंजरा’ के साथ बतौर प्रोडक्शन डिजाइनर अपने फिल्मी करियर की शुरुआत कर रही हैं।
एक मैकेनिकल इंजीनियर और शिक्षाविद् के रूप में डॉ. प्रज्ञा का सफर अपने आप में प्रेरणादायक है। एक शोधकर्ता के रूप में उनकी बारीकियों को समझने की क्षमता और इंजीनियरिंग कौशल ने उन्हें प्रोडक्शन डिजाइन के क्षेत्र में एक अलग दृष्टि दी है। फिल्म ‘नव्य गुंजरा’ के लिए उन्होंने जो विजुअल लैंडस्केप तैयार किया है, वह फिल्म की रहस्यमयी और थ्रिलर कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। उनके पति और फिल्म के प्रोड्यूसर, आयुष जैन के साथ मिलकर उन्होंने इस प्रोजेक्ट को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
’नव्य गुंजरा’ एक सस्पेंस और साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है, जो दर्शकों को मनुष्य के मष्तिष्क के अनजाने चरणों और रहस्यमयी तत्वों के एक अनोखे मिश्रण से रूबरू कराएगी।
निर्देशक: अमित दीक्षित
लेखक: रोहित एस. यादव
कलाकार: फिल्म में जितेन्द्र बोहरा, तुषार कावले, क्षितिज पवार, प्रतीक्षा सिंह, संध्या गेमावत, जेसिका यादव, कैलाश चौधरी और संदीप ओंकार रावल जैसे प्रतिभाशाली कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।
रिलीज की तारीख: 29 मई, 2026
फिल्म की कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है जो हत्याओं की एक ऐसी श्रृंखला की गुत्थी सुलझाने में लगा है, जहाँ हत्यारों को खुद अपने अपराधों की याद नहीं रहती।
डॉ. प्रज्ञा शर्मा का प्रोडक्शन डिजाइन की दुनिया में आना यह साबित करता है कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। शिक्षण और इंजीनियरिंग के साथ-साथ सिनेमा में उनका यह कदम न केवल उनके करियर के लिए एक नया अध्याय है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी मिसाल है जो अपने विविध कौशलों के साथ नए क्षेत्रों में प्रयोग करना चाहते हैं।
29 मई से देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही ‘नव्य गुंजरा’ न केवल फिल्म प्रेमियों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगी, बल्कि डॉ. प्रज्ञा शर्मा के रचनात्मक कौशल की एक नई परीक्षा भी साबित होगी। इसके साथ ही पन्तनगर विश्वविद्यालय में कार्यरत एवं प्रसिद्ध समाजसेवी व लेखक पवन दूबे भी इस फिल्म प्रोडक्शन टीम का हिस्सा हैं। पन्तनगर विश्वविद्यालय के इन होनहार युवाओं का अपनी एक अलग पहचान बनाना वास्तव में सभी के लिए गौरव की बात है।
