लाॅ काॅलेज देहरादून में देखने का मिली उच्च कोटि की मीडिएशन स्कील
दिनांक 6 मई। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लाॅ काॅलेज देहरादून में आज इंट्राम्यूरल मीडिएशन कम्पीटिशन के चौथे संस्करण के अंतिम मुकाबलें का आयोजन किया गया। तीन दिन चली इस प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में कुल 18 टीमों ने प्रतिभागिता की। विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा एवं लाॅ काॅलेज देहरादून के हेड प्रो0 राधेश्याम झा इस अवसर पर बतौर निर्णायक उपस्थित थे।
प्रतियोगिता को अंतिम मुकाबला अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता पर आधारित था। विषय था युद्ध के मध्य दो देशों की वार्ता और मध्यस्थों की अहम भूमिका। अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे छात्रों ने अपने मांग पत्र, रूचि एवं वरियताओं को पूरजोर तरीकें से रखा। मध्यस्थता करा रहे छात्रों ने एक स्वस्थ मध्यस्थता के नियमों का पालन करते हुए वार्ता को सुलह के अंजाम तक पहुँचाया।
प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो0 राजेश बहुगुणा ने भारतीय विधि व्यवसाय में मध्यस्थता के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में वादकारी न्यायालयों की थका देने वाली तकनीकी प्रक्रियाओं से आम जन मानस ऊब चुका है तथा वह त्वरित न्याय हेतु वैकल्पिक विवाद निपटान की व्यवस्था को अपनाना चाहता है, ऐसे में विधि महाविद्यालयों द्वारा इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के आयोजन भावी विधि व्यवसायियों के लिए कैरियर निर्माण के नये आयामों का निर्माण करने में सहायक होंगे। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं एवं आयोजकों को प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं दी।
कड़े मुकाबलें के बाद निर्णायकों ने विधि शर्मा एवं खुशी खंतवाल की टीम को विजयी घोषित किया जबकि जिवेश शुक्ला एवं सयंम तोमर की टीम द्वितीय स्थान पर रही। बेस्ट मध्यस्थ के रूप में लक्ष्य सरल एवं बेस्ट मुवक्किल के रूप में दीपिका को चुना गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से वत्सल चैधरी, अशोक डोभाल, ईशा शर्मा, प्रियदर्शनी तिवारी, पूर्णिमा त्यागी, श्रृषि रंजन, प्रतिष्ठा, मान्यता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
