राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (GDMC) में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की फैकल्टी ने प्राचार्या डॉ. गीता जैन द्वारा किए जा रहे सकारात्मक एवं संरचनात्मक बदलावों की सराहना की।
बैठक में उपस्थित मेडिसिन, साइकेट्री, रेस्पिरेटरी मेडिसिन तथा पीडियाट्रिक्स विभाग की फैकल्टी ने विशेष रूप से ओपीडी (OPD) व्यवस्था में किए गए सुधारों को सराहा। फैकल्टी सदस्यों ने बताया कि ओपीडी में आयुष्मान काउंटर की स्थापना तथा विभिन्न फ्लोर पर ओपीडी पर्ची बनने की व्यवस्था से मरीजों की सुविधा बढ़ी है, जिसके परिणामस्वरूप ओपीडी में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पीडियाट्रिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक ने बताया कि ओपीडी में ही भर्ती (एडमिशन) की सुव्यवस्थित प्रक्रिया शुरू किए जाने से बड़े स्तर पर मरीजों की भर्ती में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल पा रहा है।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग ने भी ओपीडी पर्ची की सुविधा प्रत्येक फ्लोर पर उपलब्ध कराए जाने के सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे मरीजों की आवाजाही सुगम हुई है और ओपीडी सेवाओं में समग्र वृद्धि हुई है।
ज्ञात हो कि लगभग एक वर्ष पूर्व प्राचार्या का कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात डॉ. गीता जैन द्वारा संस्थान में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं। इमरजेंसी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार तथा ओपीडी व्यवस्था में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप संस्थान की कार्यक्षमता एवं मरीज संतुष्टि में निरंतर सुधार हो रहा है।
बैठक में उपस्थित सभी फैकल्टी सदस्यों ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सुधारात्मक कदमों की अपेक्षा व्यक्त की।
