*गोपेश्वर।* आज राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गोपेश्वर में उत्तराखंड सरकार के माननीय तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी ने दिनांक 6 से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय टेक्नो-कल्चरल महोत्सव “ऊर्जा” का शुभारंभ किया। राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गोपेश्वर में आयोजित इस महोत्सव में माननीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल माध्यम से जुड़े । इस अवसर पर वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, जिलाधिकारी चमोली श्री गौरव कुमार, संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अपने संबोधन में माननीय मंत्री जी ने कहा कि “ऊर्जा” केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि नवाचार, उत्साह और सृजन का भी प्रतीक है। उन्होंने छात्रों को देश की असली ताकत बताते हुए उन्हें तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गोपेश्वर में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से छात्रों को तकनीकी, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। माननीय मंत्री जी ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं।


डॉ. धन सिंह रावत जी ने बताया कि “ऊर्जा” महोत्सव के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी, स्टार्टअप एवं इनोवेशन जैसे आधुनिक विषयों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो छात्रों के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। माननीय मंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को तकनीकी शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। उन्होंने प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर के छात्रों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल के आधार पर रोजगार सृजन करने वाले बनें। माननीय मंत्री जी ने छात्रों से अपील की कि वे आपदा प्रबंधन, जल संरक्षण, पर्वतीय परिवहन एवं कृषि तकनीक जैसी स्थानीय चुनौतियों पर कार्य करें तथा उनके समाधान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करें। अंत में डॉ. धन सिंह रावत जी ने कहा कि सफलता निरंतर प्रयास, धैर्य और असफलताओं से सीखने से ही प्राप्त होती है। उन्होंने राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गोपेश्वर द्वारा आयोजित “ऊर्जा” महोत्सव की सराहना करते हुए इसे छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एक उत्कृष्ट मंच बताया।
वहीं, उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति महोदया डॉ. तृप्ता ठाकुर जी ने अपने संबोधन में छात्रों को समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को नवाचार, शोध एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी करने तथा अपने विचारों को व्यवहारिक रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी चमोली, श्री गौरव कुमार जी ने अपने संबोधन में छात्रों को अनुशासन, समय प्रबंधन एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और सही दिशा में प्रयास आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने, तकनीकी कौशल विकसित करने तथा समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु कार्य करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय विकास से जुड़े विषयों पर कार्य करने का विशेष आग्रह किया।
संस्थान के निदेशक डॉ0 अमित अग्रवाल ने सभी माननीय अतिथियों का आभार व्यक्त किया और छात्रों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के लिए सभी की सराहना की। इस अवसर पर संस्थान के कुलसचिव श्री संदीप कंडवाल, एवं श्रीमति आकांशा चौधरी, श्रीमती मोनिका बर्थवाल, श्री जगनन्दन नेगी, श्री ओमबीर सैनी, श्री हेमन्त चौहान, श्री अरुण नेगी, श्री प्रदीप चंद्रा, श्री अरुण उनियाल, डॉ अरविंद गोस्वामी, डॉ आकिब जावेद, श्री उपेंद्र, डॉ डिंपल बोरा इत्यादि शिक्षक एवं श्री अमित कुमार, श्री पुनीत बगवाड़ी, श्री मनीष कुमार, श्री प्रियंका, इत्यादि उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में प्रतिभाग लिया।
