युवाओं को विदेशी भाषा के माध्यम से वैश्विक स्तर पर नौकरी का मिलेगा सुनहरा मौका
देहरादून। विदेशी भाषाओं में निपुणता हासिल कर वैश्विक रोजगार पाने वाले युवाओं के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की, जिससे प्रदेश में ऐसे केंद्रों की संख्या दो हो जाएगी।
सदन में घोषणा, सीएम की पहल
बजट सत्र के पांचवें दिन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सदन में बताया कि वर्तमान में देहरादून में 2023 से संचालित एकमात्र केंद्र के अलावा अल्मोड़ा में नया सेंटर खुलेगा। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत यह कदम उठाया गया है, जिसकी शुरुआत 2023 में हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि ज्यादा युवाओं को लाभ मिले। योजना का बजट 75 लाख से बढ़ाकर 3.3 करोड़ कर दिया गया है।
अब तक के आंकड़े: सफलता की कहानी
योजना से 147 युवाओं को विदेशी भाषा प्रशिक्षण मिल चुका है, जिसमें से 92 को विभिन्न देशों में नौकरी लगी। प्रशिक्षण 8-10 माह का होता है, जो 16 अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जाता है। सऊदी अरब में 10 युवाओं के लिए नौकरी का प्रस्ताव है, तथा वहां सेवारत 30 युवा पूरी तरह सुरक्षित हैं—यह पश्चिम एशिया युद्ध के बीच सरकार की सक्रिय निगरानी का परिणाम है।
योजना का विस्तार व लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गंभीरता से योजना ने पहचान बनाई है। देहरादून केंद्र से युवा नर्सिंग, हॉस्पिटैलिटी व देखभाल क्षेत्रों में जर्मनी, जापान जैसे देशों में रचनात्मक करियर बना रहे हैं। अल्मोड़ा सेंटर कुमाऊं के छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर अवसर देगा, जिसमें भाषा सीखने पर खर्च का 20% अनुदान व लोन ब्याज पर 75% सब्सिडी (1 लाख तक) मिलेगी।
मंत्री का आश्वासन व भविष्य की योजनाएं
कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सदन में कहा, “मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच से अब ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग व वैश्विक रोजगार मिलेगा।” योजना एएनएम-जीएनएम पास युवाओं पर केंद्रित है, लेकिन विस्तार से सभी को लाभ। सरकार सऊदी अरब जैसे क्षेत्रों में युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। यह कदम उत्तराखंड को कौशल हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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