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‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के तहत एकेश्वर की न्याय पंचायत पातल में बहुउद्देश्यीय शिविर हुआ आयोजित

दिव्यांगता प्रमाणपत्र, क्षतिग्रस्त पुश्ता, पेयजल, विद्युत आदि की शिकायत पर जिलाधिकारी ने दिए समाधान के कड़े निर्देश*l

जिलाधिकारी ने मौके पर सोलर लाइट की स्वीकृत दी, रेबीज तथा टिटनेस के टीके के लिए जनप्रतिनिधियों ने किया धन्यवाद

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली, विद्यार्थियों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार* अभियान के तहत विकासखंड एकेश्वर की न्याय पंचायत पातल में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर क्षेत्रीय जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया गया।

कार्यक्रम में पहुंचने पर ग्राम प्रधान मोनिका पांडेय द्वारा जिलाधिकारी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने एकेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं कुशलक्षेम की कामना की। जिलाधिकारी ने एक महिला को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, एक को बिटिया की नेम प्लेट और एक दिव्यांग को छड़ी वितरित भी की।

शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने आयुर्वेदिक, पशुपालन, बाल विकास, कृषि, उद्यान, श्रम, एनआरएलएम, ग्रामोत्थान तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्टालों के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं, संचालित योजनाओं तथा लाभार्थियों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज एकेश्वर के कक्षा 7 के छात्र मयंक एवं शौर्य द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का भी अवलोकन किया और उनकी सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर दोनों छात्र अत्यंत उत्साहित दिखाई दिए। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने और शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

शिविर के दौरान ग्रामवासी ऊषा देवी ने अपने दिव्यांग बेटे का दिव्यांगता प्रमाण पत्र लंबे समय से न बन पाने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। इस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 18 मार्च को वाहन का इंतजाम करते हुए संबंधित चिकित्सीय प्रक्रिया पूर्ण कर नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करवाने के ताकि पात्र लाभार्थी को सरकार की योजना का लाभ मिल सके।

प्रकाश चंद्र जदली ने सड़क किनारे स्थित पुश्ता (रिटेनिंग वॉल) के गिर जाने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से सड़क के आसपास कटाव बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ ही भविष्य में दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा के दृष्टिगत पुश्ता निर्माण कार्य 30 मार्च तक प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

शिविर में सोलर लाइट न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही सोलर लाइट स्वीकृत कर उरेडा अधिकारी को इसी सप्ताह तत्काल सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। किसानों द्वारा कीवी हेतु कोल्ड स्टोरेज की मांग उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए क्षेत्र में उपलब्ध अनुपयोगी भवनों को चिन्हित किया जाएगा। आवश्यकतानुसार उनके उपयोग हेतु प्रस्ताव तैयार कर धनराशि स्वीकृत करायी जाएगी, ताकि किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण की सुविधा मिल सके और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।

शिविर में विभिन्न समस्याएं और मांगें भी सामने आईं। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के धन के गबन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी भवन निर्माण, पीएम किसान निधि की किश्त न मिलने, पेयजल समस्याओं तथा झूलती विद्युत लाइनों को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में पेयजल योजनाओं की जानकारी के लिए वॉल पेंटिंग कराने को भी कहा गया।

गत तहसील दिवस में रेबीज तथा टिटनेस वैक्सीन की मांग उठाई गई थी। इस मांग को पूरा किए जाने पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकी है।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों और अधिकारियों का सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किस विभाग से संबंधित कौन-सी समस्या सामने आ रही है और उनके समाधान के लिए आगे की कार्ययोजना तय करने में भी यह एक प्रभावी फीडबैक मेकैनिज्म के रूप में काम करता है।

उन्होंने कहा कि शिविर में उठाई गई सभी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा इनका नियमित फॉलोअप भी किया जाएगा, ताकि तय समय में समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि कुछ विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि दूर-दूर से आए लोगों की समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान हो। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य ही यही है कि आमजन की समस्याएं सीधे सुनी जाएं और उनका त्वरित निस्तारण हो सके।

शिविर में विभिन्न योजनाओं से 150 पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। साथ ही 27 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण किया गया। इसके अलावा शिविर में 572 लोगों की उपस्थिति रही।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सेनी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अधिशासी अभियंता पेयजल नवनीत कटारिया, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विनोद जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पांडे, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित थे।

 

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