देवभूमि उत्तराखंड प्रदेश आज एक कठिन समय औऱ कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर मौन साधे हुए है। उत्तराखंड में बढ़ती आपदाएं, जंगलों की कटाई, वन्यजीव हमले, बेरोजगारी और पलायन जैसे गंभीर विषयों पर ठोस नीति का अभाव साफ दिखाई देता है।
*उत्तराखंड राज्य की जनता लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। तेंदुए और अन्य वन्यजीवों के हमलों में ज़नता की जान जा रही है, लेकिन धामी सरकार की ओर से न तो कोई उपाय किए जा रहे हैं और न ही पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सहायता मिल रही है। पुष्कर सिंह धामी सरकार के निकम्मेपन के कारण जंगलराज औऱ गुंडाराज फैलता जा रहा है देवभूमि असंस्कृतिकरण के दौर में है, यहां प्रकृति का संतुलन भी तेजी से बिगड़ रहा है। बड़े-बड़े बिज़ली प्रोजेक्ट के नाम पर प्राकृतिकदोहन हो रहा है, जबकि जनता की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। ऐसे में इधर महिलाओं की स्थिति कुछ भी ठीक नहीं है और वह भी आज अनेक सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से जूझ रहीहै, पहाड़ो पर एक कहावत है कि “लोहे का सर व पाँव काठ के” होने चाहिए तभी जीवन यापन सम्भव है इसीलिए इस घोर अंधकार में आज हम सरकार से मांग करते हैं कि देवभूमि उत्तराखंड में भी 3/3₹ हज़ार मासिक सम्मान राशि माता बहनों औऱ ध्याणियों के लिए दी जाए साथ ही साथ पुष्कर सिंह धामी की सरकार सम्पूर्ण उत्तराखंड में महिलाओं को निशुल्क यातायात दे जिससे उनका बोझ थोड़ा कम होगा*
_हम चाहते हैं कि पुष्कर सिंह धामी की सरकार जल्द इसपर जवाब दे क्योंकि प्रदेश में सभी प्रकार से हालात बेहद चिंताजनक है_
🙏🏻सचिन थपलियाल
सामाजिक कार्यकर्ता,
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🙏🏻पूर्व प्रदेशाध्यक्ष आम आदमी पार्टी (युवा)
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🙏🏻पूर्व महासचिव छात्रसंघ
डीएवी कॉलेज , देहरादून उत्तराखंड ।
