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उच्च न्यायालय की सख्ती और जन प्रहार के आंदोलन का असर: MD पिटकुल प्रकाश चंद्र ध्यानी को हटाया गया

 

भ्रष्टाचार और कुशासन पर जनता का वार

जन प्रहार संगठन यह स्पष्ट रूप से मानता है कि पिटकुल के बहुचर्चित प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश चंद्र ध्यानी को पद से हटाया जाना उत्तराखंड उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणियों एवं आदेशों तथा जन प्रहार द्वारा चलाए गए सतत जनआंदोलन का प्रत्यक्ष परिणाम है।
जब उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए सरकार द्वारा नियमों में परिवर्तन कर पद पर बनाए रखने का प्रयास किया गया, तब जन प्रहार ने इसे न्यायालय की अवमानना एवं पारदर्शिता के विरुद्ध कदम बताते हुए मुखर विरोध दर्ज कराया। प्रेस वार्ताओं, ज्ञापनों एवं जनजागरण अभियान के माध्यम से इस मुद्दे को प्रदेश की जनता के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया।
जन प्रहार यह श्रेय उत्तराखंड उच्च न्यायालय की निष्पक्ष न्यायिक व्यवस्था को देता है, जिसने कानून की गरिमा को सर्वोपरि रखा। साथ ही, यह निर्णय दर्शाता है कि जब जनता संगठित होकर आवाज उठाती है तो सरकार को जनभावनाओं और विधि के शासन के आगे झुकना पड़ता है।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता, नियमसम्मत नियुक्ति और सुशासन के लिए है।
जन प्रहार आगे भी भ्रष्टाचार एवं कुशासन के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर जनआंदोलन को और व्यापक रूप देगा।
जन प्रहार
संयोजक: श्रीमती सुजाता पॉल
सहसंयोजक: पंकज सिंह क्षेत्री (अधिवक्ता)
रविंद्र सिंह गुसाईं ( प्रवक्ता)
📞 संपर्क: 9412001234

 

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