ग्राम छरबा, खेरूवा और मौजा आरकेडिया ग्रांट प्रेमनगर में जल्द संचालित होंगे गोसदन
*कालसी के खेरूवा में गोसदन निर्माण के लिए 49.98 लाख अवमुक्त,*
*डोईवाला, भण्डारीबाग व करनपुर के गोसदनों की राजकीय मान्यता की कवायद प्रारंभ, डीएम ने मानक पूर्ण करने के दिए निर्देश,*
*बीमार-घायल पशुओं की हो नियमित स्वास्थ्य जांच, उचित उपचारः-डीएम।*
*देहरादून।
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनपद स्तरीय निराश्रित गोवंश अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। जिसमें गोवंश के संरक्षण, भरण पोषण, गोसदन के सुचारू संचालन और नए गोसदनों की स्थापना कार्यो की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वीकृत नवीन गौशालाओं के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने और मुख्य विकास अधिकारी को कार्यदायी संस्था द्वारा संचालित निर्माण कार्यो की नियमित प्रगति समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में तीन गोसदनों को राजकीय मान्यता प्रदान किए जाने पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें श्री हंस कालू सिद्व बाबा जी गौशाला ट्रस्ट, डोईवाला तथा गुरु राम राय एजुकेशन मिशन दरबार साहिब द्वारा देहरादून के भण्डारीबाग एवं करनपुर में संचालित गौशालाएं शामिल हैं। जिलाधिकारी ने गौसदन संचालन की मान्यता हेतु भूमि संबंधी अभिलेख, पशु कल्याण बोर्ड की संस्तुति एवं विभागीय निरीक्षण आख्या सहित समस्त मानकों को शीघ्र पूर्ण करते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश स्थित लक्कड़ घाट में गोसदन संचालन हेतु जिला पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ने ऋषिकेश नगर निगम को प्रस्तावित भूमि पर निराश्रित पशुओं के लिए गोसदन का संचालन शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम को इसके लिए धनराशि की आवश्यकता हो, तो तत्काल मांग प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने विकासखंड कालसी के खेरूवा में गौशाला निर्माण हेतु स्वीकृत 49.98 लाख रुपये की धनराशि शीघ्र अवमुक्त करने के निर्देश दिए। सहसपुर विकासखंड के ग्राम छरबा में निराश्रित गोवंश हेतु गौशाला निर्माण के लिए 46.65 लाख रुपये की धनराशि पहले ही अवमुक्त की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, सहसपुर तहसील अंतर्गत मौजा आरकेडिया ग्रांट, प्रेमनगर में नवनिर्मित गौशाला परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण हेतु स्वीकृत 30.11 लाख रुपये के सापेक्ष शेष 14.62 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने गोसदनों में रह रहे पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, बीमार एवं घायल पशुओं के समुचित उपचार तथा समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं को संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान में देहरादून जनपद में कुल 10 गोसदन पंजीकृत हैं, जिनमें सहसपुर में 04, विकासनगर एवं डोईवाला में 02-02 तथा चकराता एवं धर्मपुर में 01-01 गोसदन संचालित हैं। उन्होंने बताया कि नवीन गौशालाओं के निर्माण हेतु डोईवाला के माजरी ग्रांट में 489.04 लाख रुपये, चकराता के ग्राम क्वांसी (जोगीयों) में 84.93 लाख रुपये, रायपुर के ग्राम भोपालपानी में 190.59 लाख रुपये, रायवाला में 497.95 लाख रुपये तथा नगर पालिका परिषद विकासनगर में 88.13 लाख रुपये के प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में देहरादून जनपद में लगभग 3700 निराश्रित पशुओं को आश्रय देने की क्षमता उपलब्ध है। नवीन गोसदनों का निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह क्षमता बढ़कर लगभग 5400 हो जाएगी, जिससे जनपद के समस्त निराश्रित पशुओं को समुचित आश्रय उपलब्ध कराया जा सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश जोशी, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 वरूण अग्रवाल, डॉ0 पूजा पाण्डे, डॉ नीलिमा जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सतीश त्रिपाठी, नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी सहित अनुश्रवण समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।
जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।
