हल्द्वानी। कुमाऊं की महिलाओं एवं देवी देवताओं पर की गई टिप्पणी पर सोशल मीडिया ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को पुलिस ने हिरासत में लिखना आज शाम ज्योति को जेल से रिहाई मिल गईं।
हल्द्वानी से उन्हें जमानत मिलने के बाद आज खटीमा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत के बाद उन्हें हल्द्वानी जेल से बाहर लाया गया। जेल से बाहर आने पर ज्योति अधिकारी पत्रकारों के सवालों से बचती नजर आईं।
हल्द्वानी में उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं, इसके अलावा रुद्रपुर, सितारगंज, खटीमा और अल्मोड़ा में भी मामले दर्ज किए गए थे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीवीआईपी का नाम सुर्खियों में आने के बाद, ज्योति अधिकारी हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में दराती लेकर प्रदर्शन करने पहुंच गई थीं। वहां उन्होंने अपने अंदाज में सत्ताधारी नेताओं, कुमाऊं की महिलाओं और देवी-देवताओं पर टिप्पणी कि उसके चलते उन पर मुकदमे दर्ज हुए।
उनके खिलाफ पहला मुकदमा हल्द्वानी के मुखानी थाने में दर्ज हुआ। इसके अलावा रुद्रपुर, सितारगंज, खटीमा और अल्मोड़ा में भी मुकदमे दर्ज किए गए। मुखानी थाने में उन्हें वादी को डराने-धमकाने के आरोप में एक और मुकदमा झेलना पड़ा।
