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एयरपोर्ट विस्तारीकरण कार्य पकड़ेगा रफ्तार:  भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्त जिम्मेदारी अब विशेष मजिस्ट्रेट के अधीन

जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में डीएम ने लिया बड़ा प्रशासनिक निर्णय:  उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा विशेष मजिस्ट्रेट नियुक्त

 

एयरपोर्ट विस्तारीकरण विलंब की समस्या के समाधान की दिशा में डीएम का साहसिक; निर्णायक दूरगामी कदम

जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार कार्य को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा को विशेष मजिस्ट्रेट (नोडल अधिकारी) नियुक्त किया है।

डीएम यह नियुक्ति आरएफसीटीएलएआरआर एक्ट, 2013 (भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम) के अंतर्गत जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार परियोजना से जुड़ी समस्त कार्यवाहियों के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए की गई है।

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित समस्त कार्रवाई की नोडल जिम्मेदारी विशेष मजिस्ट्रेट की होगी।

विशेष मजिस्ट्रेट एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटी (AEMC) सहित सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए परियोजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से पूर्ण कराएंगे।

सभी विभागों को समन्वय एवं सहयोग के निर्देश तहसील प्रशासन डोईवाला सहित समस्त संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे विशेष मजिस्ट्रेट को आवश्यक अभिलेख, रिपोर्ट एवं सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराएं।

नगर निकाय, वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को भी आपसी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अड़चन न आए।

विलंब की समस्या के समाधान की दिशा में निर्णायक कदम
उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह जिम्मेदारी डोईवाला उप जिलाधिकारी के पास थी, जो प्रोटोकॉल ड्यूटी में अधिक व्यस्त रहने के कारण परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही थी। विशेष मजिस्ट्रेट की नियुक्ति से अब इस महत्वपूर्ण परियोजना को समर्पित प्रशासनिक नेतृत्व मिलेगा और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
मुआवजा एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों के कारण हुई थी देरी
जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार परियोजना लंबे समय से प्रस्तावित है। बढ़ते हवाई यातायात, चारधाम यात्रा, पर्यटन एवं औद्योगिक गतिविधियों में निरंतर वृद्धि के चलते रनवे विस्तार और टर्मिनल क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
पूर्व में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण, पुनर्वास एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों के कारण प्रक्रिया में विलंब हुआ। कई दौर की वार्ताओं एवं सर्वे के उपरांत अब प्रशासन ने परियोजना को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाने की तैयारी कर ली है।
विकास को मिलेगा नया आयाम
एयरपोर्ट विस्तार से न केवल देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विस्तारित रनवे और आधुनिक सुविधाओं के निर्माण से बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी, जिससे पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

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