उत्तराखंड में 17 पत्रकारों / आश्रितों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता की मिली स्वीकृति
पत्रकारों के कल्याण से जुड़े मामलों पर विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ है कार्यरत: बंशीधर तिवारी
देहरादून। उत्तराखंड में धामी सरकार द्वारा पत्रकारों के हित में बड़ा कदम उठाया गया है। आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) तथा मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पत्रकारों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया।
समिति द्वारा पत्रकार कल्याण कोष से पन्द्रह दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो पत्रकारों को चिकित्सा उपचार हेतु 5-5 लाख रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव भी अनुमोदित किया गया।
बैठक में समिति ने मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत चार वरिष्ठ पत्रकारों को प्रतिमाह 8,000 रुपये की सम्मान पेंशन दिए जाने की भी संस्तुति की।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप पत्रकारों के कल्याण से जुड़े मामलों पर विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में पत्रकारों और उनके आश्रितों को संभव हर सहायता देने का प्रयास जारी है, जिसके लिए नियमित रूप से समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
बैठक में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनके तहत:
आर्थिक सहायता: समिति ने पत्रकार कल्याण कोष से 15 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने की संस्तुति की है।
चिकित्सा उपचार: इसके अतिरिक्त, गंभीर बीमारी से ग्रस्त दो पत्रकारों को उनके चिकित्सा उपचार के लिए भी ₹5-5 लाख की सहायता स्वीकृत करने की संस्तुति की गई है।
कुल 17 मामलों में (15 दिवंगत पत्रकारों के आश्रित और 2 गंभीर रूप से बीमार पत्रकार) ₹5-5 लाख की सहायता राशि स्वीकृत करने की संस्तुति की गई है।
पत्रकार सम्मान पेंशन: समिति ने मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत चार वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8 हजार प्रतिमाह की दर से पेंशन दिए जाने की भी संस्तुति की है।
बैठक में संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी शशि सिंह तथा समिति सदस्य लक्ष्मण सिंह नेगी, गिरीश तिवारी, अमित शर्मा और शशि शर्मा उपस्थित रहे।
